इन्टरनेट का मालिक कौन है ? Owner of The Internet


इन्टरनेट का स्वामी (Owner of The Internet )-

इन्टरनेट का न ही कोई अध्यक्ष और न ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) है। संघटक नेटवर्क (constituent networks) के अध्यक्ष या मुख्य कार्यकारी अधिकारी (chief executive officer) हो सकते हैं, लेकिन इन्टरनेट का पूर्ण रूप से कोई संचालक या नियंत्रक नहीं है।तो इन्टरनेट का मालिक कौन है  इन्टरनेट काएकमात्र अधिकारी इन्टरनेट सोसायटी (Internet Society) है, जो एक स्वयं सेवी सदस्यता संगठन है, के जिसका उद्देश्य इन्टरनेट प्रौद्योगिकी के माध्यम से वैश्विक संचार के आदान-प्रदान का विकास करना वज्ञ है। यह स्वयंसेवकों का चयन करती है, जिसे इन्टरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड (Internet Architecture न Board) कहा जाता है।

 इन्टरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड इन्टरनेट के तकनीकी प्रबंधन तथा दिशा (direction) ग के लिए उत्तरदायी होता है। कम्प्यूटर तथा सॉफ्टवेयर एप्लिकेशनों के मध्य आपसी संवाद के लिए कुछ मानक (standards) हैं, जिनके आधार पर इन्टरनेट कार्य करता है। ये मानक विभिन्न कम्पनियों के द्वारा निर्मित कम्प्यूटरों के मध्य भी संवाद करने में कोई समस्या उत्पन्न नहीं होने देते हैं। इन्टरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड प्रायः इस तरह के मानक बनाती रहती है तथा पते (addresses) जैसे संसाधनों का आवंटन (allocate) करती रहती है। जब किसी मानक की आवश्यकता होती है, तब यह समस्या पर विचार करती है तथा मानक को ग्रहण करती है और इसकी घोषणा इन्टरनेट के माध्यम से करती है।

इन्टरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड (Internet Architecture Board) वैसी सूचना भी रखती है, जो कि इन्टरनेट से जुड़े कम्प्यूटरों की अनोखे ढंग से (uniquely) पहचान करती है। उदाहरणार्थ, इन्टरनेट के प्रत्येक कम्प्यूटर में एक अनोखा 32-बिट पता होता है। किन्हीं दो कम्प्यूटरों का एक पता नहीं होता है। इन्टरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक कम्प्यूटर के नामकरण के लिए कुछ निश्चित नियमों का पालन किया जाये।

इन्टरनेट प्रयोक्ता अपने विचार इन्टरनेट इंजिनियरिंग टास्क फोर्स (Internet Engineering Task Force)की बैठकों (meetings) के माध्यम से व्यक्त करता है। इन्टरनेट इंजिनियरिंग टास्क फोर्स एक अन्य स्वयंसेवी संगठन है, जो इन्टरनेट की ऑपरेशनल (operational) तथा तकनीकी समस्याओं पर चर्चा करने के लिए लगातार बैठक आयोजित करती हैं तथा जब कोई समस्या बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है, तब इन्टरनेट इंजिनियरिंग टास्क फोर्स (Internet Task Force) इस समस्या के लिए एक कार्यकारी समूह का गठन करता है। कार्यकारी समूह इन्टरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड के समक्ष यह सिफारिश करता है कि समस्या के समाधान हेतु मानक की घोषणा की जाए या नहीं।

इन्टरनेट सेवा प्रदाता (Internet Service Provider )

इन्टरनेट पर किये जाने वाले कार्य के बदलें प्रत्येक प्रयोक्ता अपने हिस्से के शुल्क का भुगतान करता है। नेटवर्क एक साथ संयोजित होते हैं तथा कैसे परस्पर जुड़ें तथा इस परस्पर संयोजन की लागत कहाँ से लायें, यह निर्णय करते हैं। विद्यालय या विश्वविद्यालय अथवा एक कम्पनी अपने संयोजन का भुगतान क्षेत्रीय नेटवर्क को करती है तथा वह क्षेत्रीय नेटवर्क इस एक्सेस के लिए राष्ट्रीय प्रदाता को भुगतान करता है !

वह कम्पनी, जो इन्टरनेट एक्सेस प्रदान करती है, इन्टरनेट सेवा प्रदाता (Internet Service Provider) कहलाती है। किसी अन्य कम्पनी की तरह ही इन्टरनेट सेवा प्रदाता अपने सेवाओं के लिए प्रयोक्ता से पैसा लेते हैं। सामान्यतः इन्टरनेट सेवा प्रदाता दो तरह की शुल्क राशि लेते हैं -

इन्टरनेट का प्रयोग करने के लिए इन्टरनेट संयोजन (connection) देने के लिए।ISP के सभी ग्राहकों को इन्टरनेट प्रयोग के बदले में शुल्क राशि का भुगतान करना ही होता है। अधि कतर मामलों में आई. एस. पी. ग्राहक पर एक निश्चित मासिक शुल्क लगाती है। इसमें ग्राहकों को समयावधि, संचार की दूरी तथा डेटा डाउनलोड या अपलोड की मात्रा को चुनने का विकल्प दिया जाता है। प्रयोग शुल्क के बदले आई. एस. पी. ग्राहक के कम्प्यूटर से गंतव्य स्थान तक अन्य स्थानों से ग्राहक के कम्प्यूटर तक पैकेट को ले जाने और लाने पर सहमत होता है।