ईमेल क्या हैं | ईमेल की विशेषताएं और ईमेल की सीमाए |


ईमेल क्या हैं | ईमेल की विशेषताए और ईमेल की सीमाए |

ईमेल क्या हैं  ईमेल की विशेषताए और ईमेल की सीमाए

मॉडर्न टेक्नोलॉजी में आप सभी का हार्दिक स्वागत हैं आज हम आपको बताने जा रहें हैं ईमेल क्या हैं ई-मेल नेटवर्क्स और सर्वर्स ई-मेल की विशेषताएँ साथ ही इनकी सीमाए के बारे में | आपने कभी न कभी इसके बारे में जरुर सुना ही होगा और काफ़ी ज्यादा लोग इसका उपयोग भी करते हैं पर आज आपको बहुत कुछ नया जानने को मिलेगा ईमेल के बारे में तो कृपया पूरा जरुर पढ़ें और इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें |

एक ई-मेल क्या है ? (What is An E-mail)

ई-मेल का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक मेल। यह इलेक्ट्रानिक रूप से आपके संदेश के आदान-प्रदान का एक तरीका है। पारम्परिक पोस्टल सेवाओं में पोस्ट कार्ड पर लिखे गये संदेश मानव संसाधनों के इस्तेमाल द्वारा प्रेषक और प्राप्तकर्ता के बीच एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाए जाते हैं। जबकि ई-मेल में भी पूरी प्रक्रिया उसी तरह की होती है, सिवाए इसके कि मानव-संसाधन की जगह कम्प्यूटर नेटवर्क ले लेत हैं।

ई-मेल नेटवर्क्स और सर्वर्स (E-mail Network and Servers)

इलेक्ट्रॉनिक मेल या ई-मेल एक ऐसी प्रणाली है, जो एक नेटवर्क के माध्यम से एक व्यक्ति या व्यक्ति के एक समूह को दूसरों के साथ इलेक्ट्रानिक रूप से संचार की अनुमति प्रदान करती है। एक प्रयोगकर्त एक नेटवर्क पर एक इलेक्ट्रॉनिक संदेश भेजता है और यह संदेश प्राप्तकर्ता के इलेक्ट्रॉनिक मेल बॉक्स में जमा हो जाता है। आमतौर पर इलेक्ट्रॉनिक मेल बॉक्स एक सर्वर पर रखी एक फाइल है; इसमें संग्रहित संदेश पुनः प्राप्त किया जा सकता है, जब प्राप्तकर्ता इसे प्राप्त करने के लिए तैयार हो । प्राप्तकर्ता नेटव पर संदेश को सुधार, छोटा, सेव (save) या वर्गीकृत और दूसरे व्यक्तियों को अग्रसारित (forward )कर सकता है। 

ई-मेल की विशेषताएँ (Merits of E-mail)

ई-मेल नयी प्रौद्योगिकी की एक अद्भुत देन है, जिसने दूरभाष (telephone) तथा दूसरी पारंपरिक संचार सेवाओं जैसे टेलिग्राम (telegram), फैक्स (Fax), पोस्टकार्ड ( Postcard) की आवश्यकताओं पर एक प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। इसकी कई विशेषताओं में कुछ विशेषताएँ प्रमुख हैं, जो निम्नलिखित हैं -

  1. ई-मेल के माध्यम से हम किसी भी व्यक्ति तक अपना संदेश शीघ्रता के साथ संचारित (Communicate) कर सकते हैं। कोई भी ई-मेल कुछ सेकण्ड में अपने पते पर पहुँच जाती है। ई-मेल, अपने मित्रों व रिश्तेदारों से बातचीत करने का बहुत सस्ता तरीका है। ई-मेल दूरी पर निर्भर नहीं करता, अर्थात् हम विश्व में कहीं भी बैठे हुए व्यक्ति को आसानी से ई-मेल कर सकते हैं।

  2. ई-मेल के माध्यम से पत्रों, संदेशों के साथ-साथ विभिन्न फाइलें, डाटा, फोटो तथा कई अन्य दस्तावेज (documents) भेज सकते हैं। और खाली समय में पढ़ सकते हैं। साथ ही आप अपनी सुविधा अनुसार जब चाहें, तब इसे भेज भी सकते हैं। इसे उसी समय में, लिखा या भेजा जाना आवश्यक नहीं है, जब प्राप्तकर्ता उपलब्ध हो। ई-मेल भेजते समय कोई भी व्यक्ति या माध्यम अवरोध उत्पन्न नहीं कर गकता है।

  3. ई-मेल को प्राप्त करने वाला भी इससे अवरोध महसूस नहीं करता क्योंक ई-मेल उसके कम्प्यूटर के मेल बॉक्स (mail box) में संगृहीत हो जाती है। ई-मेल भेजने वाले को ई-मेल प्राप्त करने वाले व्यक्ति से ई-मेल भेजने से पहले कोई पूर्व निध रित समय (appointment) नहीं लेना पड़ता है। यह हमारी सुविधा के अनुसार कभी भी भेजी जा सकती है। इसके लिए प्राप्तकर्ता (Receiver) की उपलब्धता के बारे में भी सोचना आवश्यक नहीं होता है।

  4. ई-मेल संदेशों के खो जाने का डर भी नहीं होता है। किसी को ई-मेल करने के लिए किसी झिझक या शर्म का सामना नहीं करना पड़ता है जो अक्सर आमने-सामने की बातचीत में हो सकती है।

ई-मेल की सीमाएँ (Limitations of E-mail)

  1. ई-मेल नि:संदेह इंटरनेट की एक अद्भुत सेवा है तथा इसकी विशेषताएँ बहुत अधिक है। साथ ही इसकी कुछ सीमाएँ भी हैं, जो निम्नलिखित हैं ई-मेल पूरी तरह निजी नहीं रह पाता है। चूंकि, ई मेल एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर सिस्टम को किसी नेटवर्क के माध्यम से भेजी जाती हैं। अत: किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा ई-मेल को पढ़ लिए जाने की संभावना बढ़ जाती है। किसी ई-मेल संदेश पर सुरक्षा तकनीकें लगा पाना मुश्किल कार्य है।

  2. हम ई-मेल के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकते हैं। क्योंकि ई-मेल प्राप्त करने वाला व्यक्ति हमारे हाव-भाव नहीं देख सकता है, न ही हमारी आवाज सुन सकता है। अत: यह भी सम्भव होता है कि प्राप्तकर्ता, प्रेषक के संदेश का गलत आकलन कर ले।

  3. प्रेषक (Sender) (ई मेल भेजने वाला व्यक्ति) के ई-मेल आई. डी. के आधार पर प्रेषक के बारे में सही जानकारी नहीं प्राप्त की जा सकती है। ई-मेल आई.डी. गलत सूचनाओं पर आधारित भी हो सकता है। कुछ ई-मेल सिस्टम चित्रों, पेजों को भेज पाने में असमर्थ होते हैं। कोई भी प्राप्तकर्ता (Receiver) (ई-मेल प्राप्त करने वाला) ई-मेल को रोक नहीं सकता है। अत:कई बार मनचाही ई-मेल को प्राप्त करने पर प्राप्तकर्ता (Receiver) को अपना काफी समय उन ई-मेल को छाँटने में लगाना पड़ता है।

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